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Maharajganj News: जिले में युद्ध जैसी स्थिति से निपटने की तैयारी: सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल कल, शहर में सायरन गूंजेंगे, बत्तियां होंगी गुल

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Tuesday, 06 May, 2025
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महराजगंज टाइम्स ब्यूरो :-  कल बुधवार को जिला युद्ध जैसे हालात से निपटने की अनूठी तैयारी का गवाह बनेगा। गृह मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन शाम 6:30 से 7:30 बजे के बीच किया जाएगा। इस दौरान शहर में सायरन की गूंज सुनाई देगी, बत्तियां गुल होंगी और नागरिकों को युद्धकालीन सुरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में आज मंगलवार को जिला प्रशासन, पुलिस, फायर ब्रिगेड, मेडिकल, परिवहन, विद्युत विभाग, होमगार्ड और स्थानीय नागरिकों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में युद्ध जैसी आपात स्थिति में सुरक्षा इंतजामों पर गहन चर्चा हुई। मॉक ड्रिल के तहत होने वाली प्रमुख गतिविधियों में शामिल हैं:  

सायरन अलर्ट : शाम 6:40 बजे युद्ध की चेतावनी जैसे सायरन बजाए जाएंगे।  

-ब्लैकआउट: 6:50 बजे 5-10 मिनट के लिए पूरे शहर में बत्तियां बंद कर दी जाएंगी।

 

पुलिस लाइन और केएमसी मेडिकल कॉलेज में होगा मुख्य आयोजन

 

मॉक ड्रिल के लिए दो प्रमुख स्थान चिह्नित किए गए हैं: पुलिस लाइन की हाईराइज बिल्डिंग और केएमसी मेडिकल कॉलेज, पकड़ी। इन स्थानों पर युद्धकालीन परिस्थितियों का सजीव प्रदर्शन होगा। फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीमें, पुलिस और अन्य विभागों के वाहन मौके पर तैनात रहेंगे। नागरिकों को युद्ध के दौरान सुरक्षा उपायों, जैसे बंकरों में शरण लेना और आपात स्थिति में व्यवहार, के बारे में जागरूक किया जाएगा।  

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य न केवल प्रशासन की तैयारियों को परखना है, बल्कि आम जनता को भी आपात स्थिति में सजग और सुरक्षित रहने के लिए तैयार करना है। "हम चाहते हैं कि हर नागरिक युद्ध या आपदा जैसी स्थिति में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके," उन्होंने कहा।   

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं और सायरन या ब्लैकआउट की स्थिति में शांत रहें। यह आयोजन पूरी तरह प्रशिक्षण और जागरूकता के लिए है। स्थानीय लोग इसे एक अनूठे अनुभव के रूप में देख रहे हैं, जहां वे युद्धकालीन रणनीतियों को करीब से समझ सकेंगे।  कल शाम महराजगंज का यह मॉक ड्रिल न केवल सुरक्षा तैयारियों का प्रदर्शन होगा, बल्कि यह भी दिखाएगा कि कैसे एकजुट होकर प्रशासन और जनता किसी भी संकट का सामना कर सकते हैं।

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