Maharajganj Times

40 साल का रिकॉर्ड टूटा: नारायणी नदी के रौद्र रूप से महराजगंज में बाढ़ का तांडव, आंधी-बारिश से 4 की मौत

Maharajganj
Sunday, 27 Sep, 2026
0
453

 

निचलौल और सोहगीबरवा क्षेत्र में दर्जनों गांव जलमग्न 5 लाख एक हजार 650 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज, NDRF-SDRF तैनात | पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के निर्देश

महराजगंज टाइम्स ब्यूरो : नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते महराजगंज जनपद में नारायणी नदी ने भयानक तबाही मचाई है। नदी का जलस्तर पिछले 40 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। वाल्मीकि बैराज से वर्तमान में करीब 5.1 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है, जिसके 7 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की आशंका है। इस प्रलयंकारी उफान से सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोथहा और निचलौल तहसील के टेलफाल व गेड़हवा गांव जलमग्न हो गए हैं और दर्जनों घर पानी में डूब गए हैं।जनपद में बाढ़ के साथ-साथ तेज आंधी और वर्षा ने भी भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग हादसों में पेड़ गिरने और कच्चे-खपरैल मकान ढहने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में निचलौल के पन्ने कुमार प्रजापति (30), फरेंदा की कुशमी (69) और सदर तहसील के चंदन चाफी निवासी गौरी शंकर (45) व उनकी पत्नी (42) शामिल हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने टेलफाल और गेड़हवा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का तूफानी दौरा किया। डीएम ने प्रभावित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत शिविरों, कम्युनिटी किचन तथा मेडिकल टीमों की व्यवस्था का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि बाढ़ से लगभग साढ़े चार हजार ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए अतिरिक्त NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। इसके साथ ही, आंधी-बारिश में जान गंवाने वाले मृतकों के आश्रितों को राज्य आपदा मोचक निधि (SDRF) से तत्काल अनुमन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश राजस्व और प्रशासनिक टीमों को दिए गए हैं।