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“अब जुगाड़ और सीनियरिटी नहीं, इंटरव्यू में पास काबिल अफसरों को मिली थानेदारी” : महराजगंज एसपी का बड़ा एक्शन

Maharajganj
Saturday, 16 May, 2026
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22 निरीक्षक, उपनिरीक्षक और चौकी प्रभारियों का हुआ साक्षात्कार

योग्यता और ईमानदारी के आधार पर मिली थानों की कमान

महराजगंज टाइम्स ब्यूरो :- पुलिस विभाग में अब थानेदारी का आधार सिर्फ वरिष्ठता नहीं बल्कि कार्यक्षमता, अनुशासन और ईमानदारी होगी। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने यह संदेश देते हुए जिले में बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। थाना प्रभारी बनने के इच्छुक 22 पुलिसकर्मियों का साक्षात्कार लिया गया, जिसके बाद कई थानों और चौकियों की जिम्मेदारी बदली गई। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने शनिवार को पुलिस कार्यालय में निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों और चौकी प्रभारियों का विशेष साक्षात्कार आयोजित कराया। इस दौरान अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, अनुशासन, अपराध नियंत्रण क्षमता, जनता से व्यवहार और ईमानदारी को परखा गया। एसपी ने साफ कहा कि “सीनियर होने से नहीं, जो काबिल होगा उसी को थानेदारी मिलेगी।” इसी आधार पर जिले में नई तैनातियां की गईं। जारी सूची के अनुसार निरीक्षक धनंजय कुमार राय को बरगदवा का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। निरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह को श्यामदेउरवा थाने की कमान मिली है। वहीं निरीक्षक मनोज कुमार राय को अपराध निरीक्षक थाना श्यामदेउरवा तथा निरीक्षक योगेंद्र राय को अपराध निरीक्षक थाना मिठौली बनाया गया है।उपनिरीक्षक संजय कुमार सिंह को पनियरा से फरेंदा, राघवेंद्र सिंह को पनियरा से फरेंदा थाना प्रभारी, अभिषेक सिंह को श्यामदेउरवा से नौतनवा, कुंवर गौरव सिंह को घुघली से कोल्हुई, सूरज कुमार को कोतवाली से घुघली तथा विशाल कुमार शुक्ला को सिंदुरिया थाने का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा अंकित सिंह को निचलौल, विवेक कुमार सिंह को परसामलिक, कृष्ण कुमार सिंह को सोहगीबरवा, गौरव राय कनौजिया को पुरंदरपुर, मनीष पटेल को चौक, राजकुमार सिंह को पनियरा तथा ओम प्रकाश गुप्ता को फरेंदा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं अभय नारायण सिंह को पुरंदरपुर और मनीष कुमार तिवारी को लक्ष्मीपुर चौकी प्रभारी बनाया गया है। मदनमोहन मिश्रा और शैलेंद्र शुक्ला को पीआरओ कार्यालय में तैनाती दी गई है।थानेदारी के लिए तय मानकों में पिछले तीन वर्षों में कोई दंड न होना और पांच वर्षों तक सत्यनिष्ठा पर सवाल न उठना प्रमुख शर्त थी। पुलिस विभाग में इस नई व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष माना जा रहा है। इससे मेहनती और ईमानदार पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है।